Rajendra Nagar Assembly Election : वोटरों में नहीं दिखा उत्साह, 43.75% मतदान, पिछले चुनाव की तुलना में 14.75 फीसदी कम वोटिंग

0

विधानसभा उपचुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया, लेकिन राजनीतिक पार्टियों और चुनाव आयोग के मतदाताओं को बूथ तक लाने के सारे प्रयास विफल रहे। आधे से भी कम लोग वोट करने पहुंचे। आलम यह था कि कई मतदान केंद्रों पर दिनभर में अधिकांश समय सन्नाटा पसरा रहा। शाम को मौसम सुहाना होने पर भी बूथों पर वैसी कतारें नहीं दिखीं जो चुनाव में अक्सर नजर आती हैं। सवाल उठता है कि लोगों के सामने समस्याएं हैं, मुद्दे हैं और विकास की चाह भी, लेकिन मतदान केंद्रों पर पहुंचने का जुनून क्यों नहीं.



राजेंद्र नगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदाताओं ने कोई खास रुझान नहीं दिखाया। मतदान की रफ्तार बेहद धीमी रही। शाम 6 बजे तक महज 43.75 फीसदी मतदान हो सका, जो पिछले चुनाव से 14.75 फीसदी कम है। भाजपा, आप और कांग्रेस सहित कुल 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिनका भविष्य ईवीएम में कैद हो गया है। मतगणना 26 जून को होगी। मतदान के दौरान कारोना गाइडलाइन का ख्याल रखा गया। संक्रमितों को आखिरी एक घंटे में पीपीई किट पहनकर मतदान की सुविधा दी गई। ऐसे में पूरे विधानसभा क्षेत्र में 24 ऐसे लोगों ने भी मतदान किया, जो कोविड संक्रमित थे। वहीं, आम मतदाताओं को मास्क और दस्ताने के साथ ही वोट देने की इजाजत दी गई। 


विधायक राघव चड्ढा के राज्यसभा सांसद बनने के बाद खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव के लिए सुबह सात बजे से मतदान की शुरुआत हुई। जेजे कॉलोनी व ग्रामीण क्षेत्र के बूथों पर तुलनात्मक रूप से ज्यादा वोटर दिखे, जबकि पॉश कालोनियों में मतदान प्रक्रिया सुबह से ही बेहद सुस्त रही। मतदान के शुरू के पहले दो घंटों में सिर्फ 5.2 फीसदी वोट पड़े। बाद में भी इसमें ज्यादा तेजी नहीं आई। सिर्फ 11 से 1:00 बजे के बीच ही मत प्रतिशत ने दहाई के आंकड़े को पार किया। बाकी पूरे दिन हर दो घंटे के अंतराल पर यह आंकड़ा 10 फीसदी से नीचे रहा। नतीजन दो साल पहले 58.50 फीसदी वोट की तुलना में 43.75 फीसदी वोटिंग ही हो सकी। 

मास्क और दस्ताने पहन पहुंचे वोटर
मतदान के दौरान कोरोना गाइडलाइन का खास ध्यान रखा गया। लोग चेहरे पर मास्क और हाथों पर दस्ताने पहनकर वोट करने पहुंचे। कई केंद्रों पर तो थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा था। जो लोग मास्क नहीं लगाकर आए थे, उनके लिए मतदान केंद्रों पर ही व्यवस्था की गई थी। कोविड-19 पॉजीटिव मरीजों को मतदान का मौका देने के लिए विशेष सुविधाएं दी गईं। संक्रमित मतदाताओं के लिए आखिरी एक घंटे में मतदान की सुविधा दी गई। इनके लिए एहतियात के तौर पर एंबुलेंस और पीपीई किट की व्यवस्था की गई थी।

दूसरे राज्यों की तुलना में फिसड्डी रहे राजेंद्र नगर के मतदाता 
जेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों में अलग-अलग सीटों पर हुए चुनाव की तुलना में काफी कम मतदान हुआ। चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के तमाम उपाय किए, लेकिन काम नहीं आए। त्रिपुरा के जुबराजनगर में सर्वाधिक 83.13 फीसदी वोटिंग हुई। दिल्ली के राजेंद्र नगर में 43.75 की तुलना में आंध्र प्रदेश कीअट्माकुर सीट पर 61.70 फीसदी, त्रिपुरा के अगरतला में 76.72, टाउन बोरडोवाली में 69.54, सुरमा में 80, झारखंड की मंदार सीट पर 61.25 फीसदी मतदान हुआ। 

ई रिक्शा और व्हील चेयर से मिली राहत
ई रिक्शा से पिक एंड ड्रॉप की सुविधा होने से मतदान केंद्रों के बाहर भी उत्सव जैसा माहौल रहा। केंद्रों पर दिव्यांगों और बुजुुर्गों को व्हील चेयर भी मुहैया कराए गए ताकि मतदान में कोई दिक्कत न आए। ई रिक्शा चालकों ने बताया कि सुबह से दोपहर 12 बजे तक पांच-छह चक्कर लगा चुके हैं और इस सुविधा से वोटर काफी खुश हैं। 

पूसा में ग्रीन, राजेंद्र नगर में पिंक बूथ
पूसा स्थित एक स्कूल में  पहला ग्रीन (हरित) बूथ बनाया गया था। इस बूथ में प्लास्टिक या प्रदूषण फैलाने वाली किसी भी वस्तु का इस्तेमाल नहीं किया गया। इसी तरह महिलाओं के लिए न्यू राजेंद्र नगर में पिंक बूथ बनाया गया जबकि दिव्यांगों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए एक विशेष बूथ भी बनाया गया।

दो सांसदों ने किया मतदान, दुर्गेश  पाठक वंचित रहे
इलाके की जनता के साथ-साथ दो सांसदों ने भी मतदान किया। पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद गौतम गंभीर और पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ओल्ड राजेंद्र नगर के एक मतदान केंद्र पर मतदान किया।  कांग्रेस उम्मीदवार प्रेमलता ने दशघरा गांव में मतदान किया, जबकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार दुर्गेश पाठक मतदान नहीं कर सके, क्योंकि वह इस क्षेत्र के मतदाता नहीं है। भाजपा उम्मीदवार राजेेश भाटिया परिवार समेत राजेंद्र नगर मार्केट स्थित मतदान केंद्र पर मतदान करने पहुंचे।

विधायक वही, जो दिला सके पानी...

राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में आम आदमी पार्टी, भाजपा व कांग्रेस उम्मीदवारों और नेताओं की तरह मतदाताओं के बीच भी मुख्य मुद्दा पेयजल संकट रहा। इलाके के लोग पेयजल संकट दूर होने की उम्मीद में बृहस्पतिवार को मतदान केंद्रों पर पहुंचेे। लोगों ने बताया कि समस्याएं तो कई हैं, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल संकट से हो रही है। उनकी राय है कि नए विधायक को प्राथमिकता के आधार पर पेयजल संकट को दूर करने की कोशिश करनी चाहिए।

दरअसल उपचुनाव की तिथि का एलान होते ही भाजपा एवं कांग्रेस ने पेयजल संकट को मुद्दा बनाया था। कुछ दिन बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी पेयजल संकट दूर करने का वादा करना शुरू कर दिया था। चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इलाके में पेयजल किल्लत की को स्वीकार करते हुए चुनाव बाद समाधान का भरोसा दिया। उधर, इलाके के मतदाताओं ने भी अघोषित तौर पर पेयजल संकट को ही मुख्य मुद्दा बना रखा था। पहली बार मतदान करने आई टोडापुर निवासीमानसी ने कहा कि वह पानी की दिक्कत दूर होने की उम्मीद लेकर मतदान करने आई है।

उन्होंने उसी उम्मीदवार को मत दिया है, जिनसे उन्हें पेयजल संकट दूर करने की क्षमता दिख रही है। नीतू भी पेयजल संकट से परेशान दिखी। उन्होंने कहा कि उसने ऐसे उम्मीदवार को मत दिया है, जो पेयजल संकट की समस्या दूर कर सके।

सोशल मीडिया पर की समर्थन की अपील
मतदान के दिन राजनीतिक दल प्रचार तो नहीं कर सकते थे, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं से अप्रत्यक्ष तौर पर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की।  आम आदमी पार्टी के संयोजक व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा कि राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए आज वोट डाले जा रहे हैं।

इलाके की जनता से अपील है कि इस उपचुनाव में भी अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और क्षेत्र के विकास के लिए वोट जरूर देकर आएं। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने ट्वीट किया किया कि मेरा वोट, मेरा अधिकार। आज दिल्ली के राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव है। स्थानीय मतदाताओं से अपील है कि क्षेत्र के विकास व समस्याओं के समाधान के लिए वोट देकर इस लोकतंत्र के महापर्व में भागीदार बनें।

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने लोगों से अपील की कि वह राजेंद्र नगर के बेहतर विकास और समस्याओं को दूर करने के लिए अपना कीमती वोट जरूर डालें। पूर्व विधायक राघव चड्ढा ने कहा कि लोगों ने उन्हें इस क्षेत्र में दो साल सेवा करने का मौका दिया और विश्वास है कि आगे भी हमारी सरकार की ओर से किए कार्यों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसे व्यक्ति को मौका दें जो विकास को रफ्तार दे सके।

 

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)