राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने आगरा के लिए लगभग 583 करोड़ रुपए के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के विकास के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए.

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आगरा शहर से यमुना नदी में अनुपचारित सीवेज प्रवाह रोकने के लिए 177.6 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का निर्माण.

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी), उत्तर प्रदेश जल निगम और मैसर्स विश्वराज एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (वीईपीएल) के बीच हाइब्रिड एनुइटी मोड (एचएएम) आधारित आगरा के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) के विकास के लिए 25 अगस्त 2022 को एनएमसीजी कार्यालय में एक त्रिपक्षीय रियायत समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह ठेका 582.84 करोड़ रुपये की कुल लागत पर दिया गया है।

बेसिन-एप्रोच से यमुना नदी में प्रदूषण को कम करने के लिए एनएमसीजी ने 177.6 एमएलडी की कुल क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण के लिए परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसमें अन्य कार्य जैसे इंटरसेप्शन एंड डायवर्सन (आई एंड डी) संरचनाओं को विकसित करना, आई एंड डी नेटवर्क बिछाने, 15 वर्षों के लिए संचालन और रखरखाव सहित सीवेज पंपिंग स्टेशन आदि भी शामिल होंगे। इस परियोजना का उद्देश्य आगरा शहर में मौजूदा सीवरेज समस्याओं का ध्यान रखना है जो यमुना नदी को प्रदूषित करते हैं। परियोजना के कार्यान्वयन पर, आगरा शहर से यमुना नदी में अनुपचारित सीवेज नहीं छोड़ा जाएगा जिससे नदी में प्रदूषण में कमी आएगी।


एनएमसीजी के महानिदेशक जी. अशोक कुमार ने ठेका देने की प्रक्रिया को पूरा करने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना हाइब्रिड एनुइटी मोड आधारित पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत लागू की जाएगी और जो यह सुनिश्चित करेगी कि एसटीपी का संचालन और रखरखाव सख्त परफॉर्मेंस आवश्यकताओं के अनुसार हो। अशोक  कुमार ने कहा, यह परियोजना यमुना नदी, जो गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है, इसमें किसी भी अनुपचारित अपशिष्ट जल को रोकने के उद्देश्य को प्राप्त करने में एक और मील का पत्थर साबित होगी।

रियायत समझौते पर राज कुमार शर्मा, अधीक्षण अभियंता, यूपी जल निगम, सत्यजीत राउत, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, मैसर्स विश्वराज पर्यावरण प्राइवेट लिमिटेड और बिनोद कुमार, निदेशक (प्रोजेक्ट्स), एनएमसीजी ने हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर समारोह के दौरान हिमांशु बडोनी, कार्यकारी निदेशक (परियोजनाएं), एनएमसीजी और अरुण लखानी, सीएमडी, वीईपीएल भी राज्य एजेंसियों और रियायतग्राही के अन्य प्रतिनिधियों के साथ उपस्थित थे।


अरुण लखानी ने कहा, "वीईपीएल हमेशा स्थिरता और पर्यावरण से संबंधित परियोजनाओं में लगा हुआ है। सीवेज उपचार परियोजना के सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभाव से हम सभी भली-भांति परिचित हैं। यह वीईपीएल के लिए एक प्रमुख परियोजना है और स्वच्छ गंगा मिशन में अहम योगदान देगी। हम यूपी जल निगम और एनएमसीजी के सहयोग से परियोजना को समय के भीतर पूरा करने का इरादा रखते हैं।


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